भोपाल। प्रदेश सरकार ने 15 साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया है। इसका उपयोग आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और विकास परियोजना को गति देने के लिए किया जाएगा। इस वर्ष अभी तक सरकार आठ हजार करोड़ रुपये ऋण ले चुकी है।

प्रदेश सरकार राजकोषीय उत्तरदात्यिव एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का चार प्रतिशत तक ऋण ले सकती है। चालीस हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण लेने की पात्रता है लेकिन अभी तक आठ हजार करोड़ रुपये ऋण ही लिया गया है। कर चोरी रोककर राजस्व संग्रहण बढ़ाया गया है।

अभी तक 210 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व वाणिज्यिक कर विभाग को प्राप्त हुआ है। केंद्र सरकार से भी नियमित तौर पर केंद्रांश प्राप्त हो रहा है। यही कारण है कि सरकार को अधिक ऋण लेने की अभी आवश्यकता नहीं पड़ रही है। 31 मार्च 2022 की स्थिति में सरकार के ऊपर दो लाख 95 हजार करोड़ रुपये का ऋण है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक लिए गए ऋण को मिलाकर यह तीन लाख तीन हजार करोड़ रुपये का ऋण हो गया है।

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